नेटवर्क टोपोलॉगी क्या है ,के बारे मे
आज हम बात करने जा रहे है नेटवर्क टोपोलॉगी के बारे मे और हम इसके बारे मे जानेगे की यह क्याहोता है तो आइए शुरू करते है
बस टोपोलोंजी::::
बस टोपोलोगी एक नेटवर्क प्रकार है जिसमे हर कंप्युटर और नेटवर्क डिवाइस सिंगल केबल से जुड़ा होता है जब इसके पास दो अंत बिन्दु होते है तो इसे Linear बस टोपोलोजी कहा जाता है
बस टोपोलोंजी के फीचर्स
1. बस टोपोलोंजी मे केवल एक डिरेक्शिन मे डाटा ट्रांसमीट होता है |
2. बस टोपोलोंजी मे प्रतिएक डिवाइस एक सिंगल केबल से जुड़ी होती है |
रिंग टोपोलोंजी:::
इसे रिंग टोपोलोंजी कहा जाता है क्योंकि यह रिंग बनाता है जिसमे प्रतिएक कंप्युटर दूसरेसे जुड़ा होता है और पहली डिवाइस का लास्ट पॉइंट दूसरी डिवाइस के पहले पॉइंट से जुड़ा होता है यह प्रतिएक डिवाइस के लिए बिल्कुल दो पड़ोसी की तरह कोनेक्टेड होते है |
रिंग टोपोलोगी के फीचर्स
1.बड़ी संख्या मे नोडस के साथ रिंग टोपोलोंजी के लिए कई रिपिटर्स केा उपयोग किया जाता है क्योंकि यदि कोई व्यक्ति रिंग टोपोलोंजी मे 50 नोडस के साथ अंतिम नोड मे कुछ डाटा भेजना चाहता है तो डाटा को 50th नोड्स तक पहुचने के लिए 49 नोड्स से गुजरना होगा इसलिए डाटा लूज़ को रोकने के लिए रिपीटर्स का उपयोग नेटवर्क मे किया जाता है
2. यह ट्रांसमिशन undirectional है प्रतिएक नेटवर्क नोड के बीच 2 कनेक्शन होने से इसे bidirectional बनाया जा सकता है इसे dual ring टोपोलोजी कहा जाताहै
3. dual ring topoloji मे दो रिंग नेटवर्क बनाते है और इनमे डाटा प्रवाह विपरीत दिशा मे होता है इसके अलावा यदि यह रिंग बिफल हो जाती है तो दूसरी रिंग नेटवर्क को बनाए रखने के लिए बैकअप के रूप मे कार्य करती है
मेष टोपोलोंजी::
मेष टोपोलोंजी मे सभी डिवाइस से सीधे जुड़े होते है यह wan मे बहुत अधिक प्रचलित है यह बहुत अधिक खर्चीला है क्योंकि इसमे ज्यादा केबल और हर नोड पर इंटेलिजेन्स की अवयस्कता होती है परंतु यह सबसे अधिक विस्वसनीय टोपोलोंजी है
स्टार टोपोलोंजी:::
स्टार टोपोलोंजी मे सभी डिवाइस एक केबल के सहारे से एकल हब से जुड़े होते है यह हब केन्द्रीय नोड है जो आगे अन्य नोड्स को स्टार के रूप मे जोड़ता है
हाइब्रेड टोपोलोंजी:::
हाइब्रेड टोपोलोंजी दो अलग-अलग प्रकार की टोपोलोंजी है जो दो या अधिक टोपोलोंजी का मिश्रण है उदाहरण के लिए यदि किसी बिभाग मे एक रिंग टोपोलोंजी का उपयोग किया जाता है दौर दूसरा स्टार टोपोलोंजी का प्रयोग किया जाता है तो परिणाम स्वरूप टोपोलोंजी को जोड़ने से हाइब्रेड टोपोलोंजी की निर्मित होगी
धन्यबाद
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