कंप्युटर का इतिहास
कोई भी गणना करने पर मुख्यता तीन उपकरण होते है | जैसे , मैनुअल ,मकैनिकल तथा औटोमेटिक सबसे पर प्रारम्भिक मैनुअल उपकार अबेकस है |
अबेकस - इस मे लकड़ी का एक फ्रेम होता है | जिसमे तार या मोती लगे होते है | इन मोतियों के द्वारा गणित की गणनाये की जाती है| इनका विकास 5000 बी. सी. के आस-पास चीन मे माना जाता है|
नैपियर बोन - इसका आविष्कार स्कॉटलैंड के गणितकार. जॉन नैपियर ने सन् 1667 मे किया था | इनमे 11 हड्डियों के सेट होता है| प्रत्तिएक हड्डी के 4 पटल होते है| इनमे नंबर इस प्रकार लिखे होते है | की इन हड्डियों को पास-पास रखने पर बड़े अंको की गणनाये की जाती है| नेपियन ने ही एलगोरिथम का आविष्कार किया | जिसने स्लाईड रूल का भी आविष्कार किया |
नैपीयर लोगेगोरिथम स्लाइड रूल - नैपीयर लोगेगोरिथम एक और प्रसिद्ध आविष्कार का आधार बनी है जिसे स्लाइड रूल कहते है| स्लाइड रूल का आविष्कार विलियम औटरैड , एक ब्रिटिश गणितकर ने सन् 1620 एडी मे किया गया था | एक साधारण स्लाइड रूल मे दो स्केल होते है | जिनमे पहला दूसरे के ऊपर स्लाइड करता है | एक स्केल को दूसरे स्केल पर उचित प्रकार व्ययस्थित करने पर , गणित की गणनयो के परिणाम प्राप्त होते है |
पास्कल का अर्थमैटिक इंजन - सन् 1642 एडी मे प्रसिद्ध फ्रेंच गणितकर. ब्लेज पास्कल ने अर्थमैटिक इंजन नामक उपकरण का आविष्कार किया | यह पहला सफल मकैनिकल गणनात्मक यंत्र था| इसमे पहिये तथा गेयर की जटिल व्यवस्था थी| नंबर देखने के लिए खिड़की थी \
लिब्निब्ज स्ट्रेेप्ड़ रैकनर- सन् 1671 एडी मे जर्मन गणितकर गोटफ्राइड वान लिब्निब्ज ने एक गणनात्मक उपकरण का आविष्कार किया | जिसे स्ट्रेेप्ड़ रैकनर कहते है |
यह उपकरण जोड़ , घटाना ,गुणा , भाग ,तथा स्क्वेर रूट निकालने मे सछम है|
बैबेज का एनालिटिकल इंजन -सन् 1835 एडी मे चार्ल्स बेबेज एक अग्रेज गणितकर ने पेपर पर एनालिटीकल इंजन डिजाइन किया | वह उस समय इसे उसी रूप मे नहीं बना सके | क्योंकि उस समय तकनीति इतनी विकसित नहीं थी | बेबेज के एनालिटिकल इंजन का कंप्युटर के इतिहास मे गहरा प्रभाव था | क्योंकी इसमे आधुनिक डिजिटल कंप्युटर की मूलभूत concept थी | इसी के कारण , चार्ल्स बेबेज को आधुनिक डिजिटल कंप्युटर का पिता कहा जाता है |
धन्यबाद
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