कंप्युटर का विकास और उसकी जनरेशन
आइए आज हम जानते है | की कंप्युटर का विकास कैसे हुआ | और कंप्युटर की कितनी जनरेसन है |
तो शुरू करते है |
कंप्युटर का विकास - कॉमपुटर्स का विकास पहले गणना के लिए उपयोग मे लि जाने वाली डिवाइसो में मेकैनिकल डिवाइसे थी | आबेकस को पहला कंप्युटर कहते है | इसके पश्चात पास्कल , लॉरेंस ,जैकब , एटॉोसौफबेरी आदि ने अनेक डिवाइसे बनाई फिर भी किसी डिवाइस मे मेमोरी नहीं थी उसके बाद चार्ल्स बेबेज ने एनालिटिकल और डिफरेंस मशीन का आविष्कार किया जिसमे मेमोरी को डाला गया इस मशीन के आविष्कार से ही आधुनिक युग की शुरुबात हुई इसके बाद आज के समय मे सभी कंप्युटर मे मेमोरी सबसे बड़ी विशेषता है | इस लिए चार्ल्स बेबेज को कंप्युटर का पिता कहा जाता है | ENIAC पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्युटर है यही से इलेक्ट्रॉनिक कंप्युटर योग की शुरूबात हुई |
कंप्युटर की जनरेशन - 1946 मे पहला सफल इलेक्ट्रॉनिक कंप्युटर ENIAC था कंप्युटर की 5 जनरेशन है
पहली जनरेशन (1946-1954) - पहला डिजिटल कंप्युटर के निर्माण वैक्यूम ट्यूब का प्रयोग किया गया था | इस कंप्युटर मे लगभग 18,000 वैक्यूम ट्यूब 70,000 रजिस्टर और लगभग 5 मिलियन जोड़ थे | यह कंप्युटर एक भारी मशीन के समान था ,जिसे चलाने के लिए लगभग 160 किलो बाट विधुत ऊर्जा की जरूरत होती थी |
1. वैक्यूम टाइम सर्किट
2. लगातार रख रखाब जरूरत
3. पंचकार्ड तथा पेपर टेप सैकन्ड़री स्टोरेज
4. मशीन तथा सांकेतिक प्रोग्रामिंग भाषा
5। कार्य केनर की ताकत धीमी
दूसरी जनरेशन (1955-1964)- सन् 1948 मे ट्रांजिस्टर की खोज के बाद कंप्युटर के विकास मे महत्वपूर्ण भूमिका अदा की | अब वैक्यूम ट्यूब की जगह ट्रांजिस्टर ने ले ली जिसके उपयोग से रेडियो , टेलीविजन , कंप्युटर आदि बनाने मे किया जाने लगा | जिसका परिणाम यह हुआ की मशीनों का आकार छोटा हो गया कंप्युटर को बनाने मे ट्रांजिस्टर के उपयोग से अधिक ऊर्जा दछ , तीव्र एवं अधिक विस्वसनीय हो गया |
1. ट्रांजिस्टर सर्किट का प्रयोग
2. मैगनेटिक कोर प्राइमरी स्टोरेज
3. टेप्स सैकन्ड़रीस्टोरेज
4. हाई लेवल की प्रोसिजरल लैंग्वेज जैसे फ़ोर्टरेन तथा कोबोल का प्रयोग
5. मेग्नेटिक डिस्क स्टोरेज का विकास
तीसरी जनरेशन (1965-1974)- वैक्यूम ट्यूब की जगह ट्रांजिस्टर ने ले ली | फिर भी इसके उपयोग से बहुत आधिक ऊर्जा उत्पन्न होती थी| जो की कंप्युटर के आंतरिक अंगों के लिए हानिकारक थी | सन् 1958 मे जैक किल्वे ने IC (INTERGRATED CIRCUITS) का निर्माण किया जिससे की कंप्युटर के अधिक से अधिक घटकों एक एकल चिप मे समाहित कर दिया जिसे SEMI-COUDUCTOR कहा गया पर समाहित कर दिया गया जिसका परिणाम यह हुआ की कंप्युटर अधिक तीव्र और छोटा हो गया |
1. हजारों ट्रांजिस्टर का इंटीग्रेटेड सर्किट
2. बड़ी हुई स्पीड तथा विश्वसनीय
3. मिनी कंप्युटर का विकास
4. ट्रांजिस्टर के जगह पर आईसी का प्रयोग
5. ऑनलाइन तथा रियल टाइम प्रोसेसिंग
चोंथी जनरेशन (1975- प्रेजेंट टाइम )- सन् 1971 मे सर्किट की बहुत अधिक मात्रा मे एक एकल चिप पर समाहित किया गया | LSI(large scale intergrated circuit), VLSI(very large scale intergrated circuit)ULSI(ultra large scale intergrated circuit) मे बहुत अधिक मात्रा मे सर्किट को एकल चिप पर समाहित किया गया | सन् 1975 मे प्रथम माइक्रो कंप्युटर ALtair 8000 प्रस्तुत किया गया |
1. लार्ज स्केल इंटीग्रेटेड सर्किट का निर्माण
2. सेमी-कन्डक्टर प्राइमेरी स्टोरेज
3. माइक्रो कंप्युटर तथा पर्सनल कंप्युटर का विकास
4. डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम
5. यूजर द्वारा ऐप्लिकैशन का निर्माण
पाँचवी जनरेशन (प्रेजेंट एण्ड नेक्स्ट ) - पंचम पीढ़ी के कंप्युटर वास्तविक कंप्युटर होंगे | जिसमे आर्टफिशिल इन्टेलिजेन्स होगी आधुनिक टेक्नोलोजी एवं विघान का उपयोग करके निर्माण किया जाएगा जिसमे एक एकल सी। पी । यू कि जगह समान्तर प्रोसेसिंग होगी तथा सेमी कन्डक्टर टेक्नॉलोजी का उपयोग किया जाएगा जिससे बिना किसी प्रतिरोध के विधुत का प्रवाह होगा जिसमे सुचना प्रवाह की गति मे बदोतरी होगी |
धन्यबाद
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