कंप्युटर का परिचय

आज हम बात करने जा रहे है की कंप्युटर क्या होता है और जानेगे की आईटी गैजेट्स क्या है तो शुरू करते है 

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 कंप्युटर अंग्रेजी के शब्द "compute" नाम से बना है, जिसका मतलब "गणना करना " होता है इसी लिए इसे गणक कहा जाता है , इसका अविस्कार calculation करने के लिए किया जाता है, पुराने समय मे कंप्युटर का उपयोग कैल्क्यलैशन के होता था , वर्तमान मे इसका उपयोग डेकुमेंट्स बनाने ,E-mail, Audio and Video ,Play Game detabase prepartion के साथ -साथ  और कई कार्यों मे किया जाता है , बैंको मे, कार्यालो मे, दुकानों मे आदि मे कंप्युटर का उपयोग किया जाता है, कंप्युटर वही कार्य करता है जो हम करने को कहते है जो कंप्युटर मे पहले से ही डाला होता है  उसके पास खुद सोकने की ताकत नहीं होता है,

कंप्युटर और नए आईटी' गैजेट्स 

कंप्युटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जिसमे मकेनिकल खूबियाँ होती है, तथा  ड़ाटा प्रोसेसिंग के काम आती है, यह इनपुट डाटा पर अर्थमेटिकल तथा  लाजिकल ऑपरेशन परफ़ॉर्म करती है ,तथा हमे आउट्पुट देता है, किन्तु इन दोनों इनपुट और आउट्पुट के मद्य एक और स्टेप होता है, जिसे प्रोसेसिंग कहते है, यह प्रोसेसिंग कंप्युटर द्वारा पूरी की जाती है, तथा डाटा को प्रोसेस करने वाले तरीके यूजर द्वारा दिए जाने वाले लाजिकल इन्सट्रक्सन होते है, जिन्हे प्रोग्राम कहते है, इनपुट ड़ाटा , इनपुट डिवाइस द्वारा कंप्युटर मे डाला जाता है, तथा आउट्पुट डिवाइस (प्रिंटर,स्क्रीन आदि)द्वारा प्राप्त किया जाता है, 

एक मशीन होने के कारण , कंप्युटर स्वतंत्रपूर्वक या अपनी मर्जी से कुछ नहीं कर सकता है जब तक कोई निर्देश ना 

दे|

कंप्युटर के प्रकार  

कंप्युटर 3 प्रकार के होते है |

1.  ऐनलॉग कंप्युटर 

2. डिजिटल कंप्युटर (डिजिटल कंप्युटर 4 प्रकार के होते है  1. माइक्रो कंप्युटर  2. मिनी कंप्युटर  3. मैन्फ्रैम कंप्युटर 4. सुपर कंप्युटर )

3. हाइब्रिड कंप्युटर 


1. ऐनलॉग कंप्युटर     ऐनलॉग कंप्युटर ऐनलॉग पर आधारित होते है अर्थात ऐनलॉग कंप्युटर  ऐनलॉग सिंगनलं  पर कर करता है  जैसे - ऐनलॉग डाटा का संसादन |

ऐनलॉग सिंगनल सतत (कॉनतिउऔस) सिंगनल होते है | ऐनलॉग डाटा  तापमान, दाब, आदि जैसे भोेतिक मात्रा  मे निरंतर परिवर्तनों की गड़ना करता है |



2. डिजिटल कंप्युटर -       डिजिटल कंप्युटर डिजिटल सिंगनल्स   पर आधारित होते है | यह डिजिटल सिंगनल्स के रूप मे ही इनपुट ग्रहण करते है | और आउट्पुट देते है | डिजिटल सिंगनल्स discrete(Discontinuous) सिंगनल्स होते है |इनका नियत मान होता है| डिजिटल कंप्युटर 0 और 1 इन दोनों पर आधारित होते है |डिजिटल कंप्युटर को माइक्रो कंप्युटर ,मिनी कंप्युटर , सुपर कंप्युटर , मैन्फ्रैम कंप्युटर के रूप मे विभाजित किया गया है |


1. माइक्रो कंप्युटर -       आज के समय मे जिन कॉमपुटर्स का इस्तमाल होता है| उन्हे माइक्रो कंप्युटर कहते है |

और इसे पीसी(पर्सनल  कंप्युटर ) भी कहते है |क्योंकि यह एकल उपयोगकर्ता (single  user)कंप्युटर है|


2. मिनी कंप्युटर -          ये कंप्युटर माइक्रो कंप्युटर से बड़े और शक्तिशाली होते है| लेकिन मैन्फ्रैम कंप्युटर 

सिस्टम से छोटे और कम शक्तिशाली होते है | यह बहू-उपयोगकर्ता (मल्टी यूजर ) कंप्युटर है| 


3. मैन्फ्रैम कंप्युटर -       यह बड़े व्यापारिक संगठनों मे प्रयुक्त शक्तिशाली बहु -उपयोगकर्ता कंप्युटर होते है| प्रतिक्रिया करने की ताकत बहुत आधिक और बहुत तेज़् होती है| यह डाटा प्रोसेसिंग के लिए अनेक cpu का प्रयोग करते है|


4. सुपर कंप्युटर -         यह बहुत अधिक उच्च ताकत और स्टॉरिज ताकत वाला के बड़ा कंप्युटर है | यह बहु-उपयोगकर्ता और मल्टी प्रोसेसिंग कंप्युटर है| भारत का प्रथम सुपर कंप्युटर परम 10,000 (PARAM-10,000)

है |


3. हाइब्रिड कंप्युटर -    हाइब्रिड कंप्युटर वे कंप्युटर होते है | जो ऐनलॉग और डिजिटल कंप्युटर पर आधारित होते है |डिजिटल घटक सामान्य रूप से नियंत्रक के रूप के कार्य करते है | और तार्किक और संखियात्मक संचालन प्रदान करता है | जबकि ऐनलॉग घटक बहुधा अंतर समीकरणों के एक सोंल्वर के रूप मे  कर करते है |


धन्यबाद |



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